पिंजरे से पंछी निकल जाएगा भजन लिरिक्स - Pinajre Se Panchhi Nikal Jayega Bhajan Lyrics

पिंजरे से पंछी निकल जाएगा लिरिक्स

जब पिंजरे से पंछी निकल जाएगा


फ़िल्मी तर्ज - जिसका मुझे था इंतजार

ओ पापी मन करले भजन,
बाद मे फिर तू पछताएगा   
जब पिंजरे से पंछी निकल जाएगा

क्यों करता तू मेरा मेरा 
ना कुछ तेरा ना कुछ मेरा 
खाली हाथ आया है और 
खाली हाथ जाएगा 
जैसा किया कर्म तूने 
वैसा ही फल पाएगा 
बाद मे फिर तू पछताएगा   
जब पिंजरे से पंछी निकल जाएगा

पूरी जवानी जी भर के सोया 
आया बुढ़ापा तो कुढ़ कुढ़ के रोया 
प्रभु की नजर से तू बच नहीं पाएगा 
माया के जाल मे तू खुद फस जाएगा 
बाद मे फिर तू पछताएगा   
जब पिंजरे से पंछी निकल जाएगा

पाया मनुष तन फिर क्यों रोया 
मोह माया के मध मे खोया 
सुंदर जीवन दिया जिसने 
प्रभु के गुण गाएजा 
आठों प्रहर प्राणी 
उस ईश्वर को मनाएजा 
बाद मे फिर तू पछताएगा   
जब पिंजरे से पंछी निकल जाएगा

व्यर्थ कामों मे तू जीवन खोता
कोन किसी का है बेटा पोता 
होगा वही जो 
किस्मत मे लिखा जाएगा 
अच्छा बुरा किया हुआ 
सामने ही पाएगा 
बाद मे फिर तू पछताएगा   
जब पिंजरे से पंछी निकल जाएगा

Bhakti Bhajan Song Details

 Song  :-Pinajre Se Panchhi Nikal Jayega Bhajan

 Singer:- Tarun Baliyan

 Lyrics  :-



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