लाज रख लो मेरी शेरों वाली लिरिक्स | Laaj Rakhlo Meri Sherowali Lyrics in Hindi
माँ दुर्गा के चरणों में सच्ची श्रद्धा और विनम्र प्रार्थना प्रस्तुत करता यह पावन भजन भक्तों के हृदय को असीम शांति प्रदान करता है। शहनाज़ अख्तर की भक्तिमयी आवाज़ में गाया गया यह देवी गीत हर सवाली के मन में माँ के प्रति अटूट विश्वास जगाता है।
दर पे आए हैं, दर पे आए हैं,
दर पे आए हैं तेरे सवाली
लाज रख लो मेरी शेरों वाली
लाज रख लो मेरी, मेरी शेरों वाली
Laaj Rakhlo Meri Sherowali Lyrics in Hindi
स्थायी:दर पे आए हैं, दर पे आए हैं,
दर पे आए हैं तेरे सवाली
लाज रख लो मेरी शेरों वाली
लाज रख लो मेरी, मेरी शेरों वाली
लाज रख लो मेरी शेरों वाली,
लाज रख लो मेरी शेरों वाली
आज जाएंगे, आज जाएंगे,
आज जाएंगे दर से ना खाली
लाज रख लो मेरी शेरों वाली...
अंतरा 1:
लाल चुनर, लाल श्रृंगार लाए
जोड़ा-जोड़ा नारियल चढ़ाए
तुम तो भक्तों की, तुम तो भक्तों की,
तुम तो भक्तों की हो रखवाली
लाज रख लो मेरी शेरों वाली...
अंतरा 2:
जासुन फूल की माला ले आए
लाल ध्वजा माई भक्त चढ़ाए
भेंट ले लो माँ, भेंट ले लो माँ,
भेंट ले लो माँ जोता वाली
भेंट ले लो माँ...
लाज रख लो मेरी शेरों वाली...
अंतरा 3:
कोई मंगल आरती गाए
श्रद्धा सुमन माँ भेंट चढ़ाए
करो कृपा, करो कृपा,
करो कृपा ओ मेहरा वाली
लाज रख लो मेरी शेरों वाली...
भजन विवरण (Song Credits)
विवरण जानकारी
भजन का नाम: लाज रख लो मेरी शेरों वाली (Laaj Rakhlo Meri Sherowali)
गायक (Singer): शहनाज़ अख्तर (Shahnaaz Akhtar)
गीतकार (Lyrics): शहनाज़ अख्तर (Shahnaaz Akhtar)
संगीत (Music) :शहनाज़ अख्तर (Shahnaaz Akhtar)
श्रेणी (Category) :माता का भजन / देवी गीत (Mata Bhajan)
भजन का मुख्य भावार्थ व संदेशअटूट विश्वास: माँ शेरों वाली के दरबार में आने वाला कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटता, सच्ची श्रद्धा से की गई पुकार माँ अवश्य सुनती हैं।
पूर्ण समर्पण: लाल चुनरी, नारियल और गुड़हल (जासुन) के पुष्प अर्पित कर भक्त अपने समस्त सुख-दुख माँ के चरणों में समर्पित करता है।
ममतामयी रक्षा: माँ मेहरां वाली सदैव अपने भक्तों की ढाल बनकर विपत्तियों में उनकी लाज और सम्मान की रक्षा करती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ Schema)
गायक (Singer): शहनाज़ अख्तर (Shahnaaz Akhtar)
गीतकार (Lyrics): शहनाज़ अख्तर (Shahnaaz Akhtar)
संगीत (Music) :शहनाज़ अख्तर (Shahnaaz Akhtar)
श्रेणी (Category) :माता का भजन / देवी गीत (Mata Bhajan)
भजन का मुख्य भावार्थ व संदेशअटूट विश्वास: माँ शेरों वाली के दरबार में आने वाला कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटता, सच्ची श्रद्धा से की गई पुकार माँ अवश्य सुनती हैं।
पूर्ण समर्पण: लाल चुनरी, नारियल और गुड़हल (जासुन) के पुष्प अर्पित कर भक्त अपने समस्त सुख-दुख माँ के चरणों में समर्पित करता है।
ममतामयी रक्षा: माँ मेहरां वाली सदैव अपने भक्तों की ढाल बनकर विपत्तियों में उनकी लाज और सम्मान की रक्षा करती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ Schema)
प्र. 1: 'लाज रख लो मेरी शेरों वाली' भजन की गायिका कौन हैं?
उत्तर: इस प्रसिद्ध देवी भजन को सुप्रसिद्ध भजन गायिका शहनाज़ अख्तर (Shahnaaz Akhtar) ने गाया है, और इसके बोल व संगीत भी उन्हीं के द्वारा तैयार किए गए हैं।
प्र. 2: यह भजन मुख्य रूप से कब गाया जाता है?
उत्तर: यह भजन विशेष रूप से शारदीय व चैत्र नवरात्रि, माता की चौकी, जागरण और शुक्रवार की देवी पूजा के समय अत्यंत श्रद्धा के साथ गाया और सुना जाता है।
प्र. 3: भजन में माता रानी को क्या-क्या भेंट अर्पित करने का उल्लेख है?
उत्तर: इस भजन में माता रानी को लाल चुनरी, श्रृंगार सामग्री, नारियल का जोड़ा, जासुन (गुड़हल) के फूलों की माला और लाल ध्वजा अर्पित करने का वर्णन है।
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