आ जाओ मेरे घर जगदंबा लिरिक्स - Aa Jao Mere Ghar Jagdamba Lyrics
आ जाओ मेरे घर जगदंबा लिरिक्स चौक पूराऊ घर कलश धराउ और दीप जलाओ मेरी सुन अंबा आ जाओ मेरे घर जगदंबा शबरी के बेर सुदामा के चावल, साग विदुर घर खाया है, होते है भगवान उसी के जिसने प्रेम लूटाया है, उसी प्रेम से अपने घर मे, उसी के बसे अपने घर मेी, तुझे बुलाउ मेरी सुन अंबा आ जाओ मेरे घर जगदंबा सच्चे मन से जब ध्यानु ने माँ माँ कहके पुकारा है, जीवन दिया और तूने उसका भाग्य सवाँरा है, मेरे भी माँ भाग्य सवाँरो, तुझे बुलाउ मेरी सुन अंबा आ जाओ मेरे घर जगदंबा जोड़ जोड़ कर तिनका तिनका झोपड़ी एक बनाई है, मैया तेरी दीवानी मै चौकी तेरी सजाई है रूखा सूखा जो भी पास मे तुझे खिलाउ मेरी सुन अंबा आ जाओ मेरे घर जगदंबा तरस रही हू दर्शन को माँ, बोलो कब तुम आओगी, शबरी का प्रेम ध्यानु की भक्ति इस कुटिया मे पाओगी, रोम रोम मे बसी हो माँ तुम, तुम्हे शीश नवाउ मेरी सुन अंबा, आ जाओ मेरे घर जगदंबा Durga Ji Ki Bhakti Bhajan Song detail Song :- Aa Jao Mere Ghar Jagdamba Singer...