सेवा में बाग लगाए हो मैया लिरिक्स - Seva Me Bag Lagaye Ho Maiya Lyrics
सेवा में बाग लगाए लगाए हो मैया सेवा में बाग लगाए हो माँ हस के उठे विहस के माता जा चंदन पर ठाड भवानी नीबु जटा जटा पे नरियर आस पास नरियर के बारी केकती केवड़ा सदा न सरवर सरवर देखत हंस बिराजे हंस म दाई के पहुना साजे पहुना उपर दाई बिराजे दाई के संग म भैरव साजे भैरव संग लंगुर बिराजे हे अंजस मंजस कुंज निवारे धर्म ध्वजा लहराए लहराए हो मैया सेवा में बाग लगाए हो माँ सेवा में बाग लगाए लगाए हो मैया सेवा में बाग लगाए हो मां अंतरा 1 जब इंद्र लोक ले उतरे लांगुरवा, खैरा घोड़ा भये सांवरिया, हाथ चंदन तोर पांव खड़ऊवा, गंगा जमुना खड़ा पखारे, सवा हाथ धरती तोरे पाटे, उठे गुललेवा हाथ कमनिया, रहीई खाये कुंजनिवारे, कारी बदन तोरे भय महामाई, पान खाते मुख लाल भवानी जिभिया हा तोरे ललियारे ललियाये हो मईया, सेवा में बाग लगाए हो मां, सेवा में बाग लगाए, लगाए हो मईया, सेवा मे बाग लगाए हो माँ, हे भवानी, सेवा में बाग लगाए हो माँ, ओ मेरी मैया, सेवा में बाग लगाए हो माँ अंतरा 2 जब कोख नगर में उतरे भवानी, सोन सिंहासन भवर पालकि, छत्तीसगढ़ ले जाके आए, एक लाख देवता सेवा गए, ताल बजे महूर बाजे, झांज बाजे मंजीरा बाजे, दानव मारे असु...