धूल माथे लगायी तिलक हो गया लिरिक्स - Dhul Mathe Lagai Tilak Ho Gaya Lyrics
धूल माथे लगायी तिलक हो गया धूल माथे लगाई तिलक हो गया टूटा सारा भरम मन सरल हो गया मन मेरा यहाँ प्रार्थना बन गया दर्द को स्वर मिला तो भजन हो गया शिव ही रस्ता मेरा शिव ही घर हो गया मैं जो शिव में रमा मन अमर हो गया भस्म तन पर रमी मन अचल हो गया काल का भय मिटा मन अमर हो गया सांस की लय जो ईश्वर से जाकर जुड़ी अंत में शिव ही मेरा पिता हो गया स्वप्न स्वाहा हुए तो हवन हो गया नैन झरने झरे आचमन हो गया पीर लय में ढली आरती हो गई दर्द को स्वर मिला तो भजन हो गया राह दुनिया की छोड़ी सफर चल पड़ा तेरी चौखट पे ही मुझको मैं मिल गया जिसको ढूंढा था मैंने भटकते हुए वो मेरे ही भीतर कहीं मिल गया Song Credits:_------ Song:- Dhul Mathe Lagai Tilak Ho Gaya Bhajan Singer:- Amit Kumar Lyrics:- Amit Kumar हे भोळ्या शंकरा आवड तुला बेलाची लिरिक्स पढ़ें सम्पूर्ण लिरिक्स ➔ मेरा भोला है भंडारी करे नंदी की सवारी लिरिक्स पढ़ें सम्पूर्ण लिरिक्स ➔ हे शम्भु बाबा मेरे भोलेनाथ लिरिक्स पढ़ें सम्पूर्ण लिरिक्स ➔ ये तेरा करम है भोले भजन लिरिक्स पढ़ें सम्पूर्ण लिरिक्स ➔ नगर में जोगी आया भेद कोई समझ ना पाया लिरिक्स पढ़...