मैं तो बरसाने कुटियाँ बनाऊंगी सखी लिरिक्स - Mai To Barsane Kutiya Banaungi Sakhi Lyrics
मैं तो बरसाने कुटियाँ बनाऊंगी सखी लिरिक्स बनाऊंगी सखी रह जाऊंगी सखी बनाऊंगी सखी रह जाऊंगी सखी मैं तो बरसाने कुटियाँ बनाऊंगी सखी मैं तो बरसाने कुटियाँ बनाऊंगी सखी झोपडी सजेगी मेरी राधा राधा नाम से, चन्दन मंगाऊंगी मैं श्री जी के गाव से, गोकुल में कीर्तन कराऊंगी सखी मैं तो बरसाने कुटियाँ बनाऊंगी सखी, आएगी किशोरी जी तो भोग मैं बनाऊंगी भोजन कराऊंगी और चवर ढूलाऊगी, शयन में चरण दबाऊंगी सखी मैं तो बरसाने कुटियाँ बनाऊंगी सखी ढोलकी बजाये हरिदासी बड़े जोर से, भाव सुने है ब्रिजवासी बड़े गौर से, मैं सबके चरणन में बिछ जाऊंगी सखी मैं तो बरसाने कुटियाँ बनाऊंगी सखी, Song: Barasne Kutiya Banaungi Sakhi Singer: Devi Neha Saraswat