मैं तो बरसाने कुटियाँ बनाऊंगी सखी लिरिक्स - Mai To Barsane Kutiya Banaungi Sakhi Lyrics
Main To Barasane Kutiyaँ Banaungi Sakhi Bhajan Lyrics - मैं तो बरसाने कुटियाँ बनाऊंगी सखी भजन लिरिक्स | Devi Neha Saraswat
| भजन मुख्य विवरण | जानकारी (Bhajan Details) |
|---|---|
| भजन का नाम (Bhajan Name) | मैं तो बरसाने कुटियाँ बनाऊंगी सखी |
| गायक (Singer) | Devi Neha Saraswat |
| लेखक (Writer) | Devi Neha Saraswat |
| श्रेणी (Category) | माता रानी के भजन |
बनाऊंगी सखी रह जाऊंगी सखी
बनाऊंगी सखी रह जाऊंगी सखी
मैं तो बरसाने कुटियाँ बनाऊंगी सखी
मैं तो बरसाने कुटियाँ बनाऊंगी सखी
झोपडी सजेगी मेरी राधा राधा नाम से,
चन्दन मंगाऊंगी मैं श्री जी के गाव से,
गोकुल में कीर्तन कराऊंगी सखी
मैं तो बरसाने कुटियाँ बनाऊंगी सखी,
आएगी किशोरी जी तो भोग मैं बनाऊंगी
भोजन कराऊंगी और चवर ढूलाऊगी,
शयन में चरण दबाऊंगी सखी
मैं तो बरसाने कुटियाँ बनाऊंगी सखी
ढोलकी बजाये हरिदासी बड़े जोर से,
भाव सुने है ब्रिजवासी बड़े गौर से,
मैं सबके चरणन में बिछ जाऊंगी सखी
मैं तो बरसाने कुटियाँ बनाऊंगी सखी,
📺 Bhajan Video
💬 महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर (FAQs)
इस मधुर भजन को सुप्रसिद्ध गायक Devi Neha Saraswat जी ने अपनी जादुई आवाज़ में गाया है।
भजन "मैं तो बरसाने कुटियाँ बनाऊंगी सखी" के पूर्ण और शुद्ध हिंदी लिरिक्स आप हमारी इसी पोस्ट पर बड़े अक्षरों में आसानी से पढ़ सकते हैं।
इस भजन के लेखक/गीतकार मुख्य रूप से Devi Neha Saraswat माने जाते हैं।
यह भजन मुख्य रूप से "माता रानी के भजन" की विशेष श्रेणी में आता है।