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Showing posts with the label गुरुदेव भजन

मान मेरा कहना नहीं तो पछतायेगा लिरिक्स - Man Mera Kehna Nahi To Pachtayega Lyrics

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मान मेरा कहना नहीं तो पछतायेगा लिरिक्स मान मेरा कहना नहीं तो पछतायेगा मिट्टी का खिलौना, मिट्टी में मिल जायेगा। मात पिता तेरा,कुटुंब कबीला विपदा पड़े पर, कोई ना किसी का एक दिन हंसा अकेला उड़ जायेगा मिट्टी का खिलौना  मिट्टी में मिल जायेगा मान मेरा कहना.... बेटा बेटा क्या करता है बेटा तेरा एक दिन, पडोसी बन जायेगा मिट्टी का खिलौना  मिट्टी में मिल जायेगा मान मेरा कहना.... बेटी बेटी क्या करता है बेटी तेरी एक दिन, जवाई ले जायेगा मिट्टी का खिलौना  मिट्टी में मिल जायेगा मान मेरा कहना.... पडोसी पडोसी क्या करता है पडोसी तो एक दिन, जला कर चला जायेगा। मिट्टी का खिलौना  मिट्टी में मिल जायेगा मान मेरा कहना.... धन दौलत तेरे कोठी रे बंगले इन से ममता, छोड़ दे पगले सब कुछ तेरा यही रह जायेगा मिट्टी का खिलौना  मिट्टी में मिल जायेगा मान मेरा कहना.... मनुस्ये जनम तूने,पाया रे बन्दे। करम ना कर तू ,जग में गंदे जैसा बीज बोया तू , वैसा फल पायेगा। मिट्टी का खिलौना  मिट्टी में मिल जायेगा मान मेरा कहना.... क्यों करता है मेरा मेरा। इस जग में बन्दे कुछ नहीं तेरा। खाली हाथ आया है खाली हाथ जायेगा। मिट्टी का खिलौना  मिट्

जब तक सांसें चलेंगी तुझको चाहूंगा यार लिरिक्स - Jab Tak Sanse Chalegi Tujhko Chahunga Yaar Lyrics

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जब तक सांसें चलेंगी तुझको चाहूंगा यार लिरिक्स मेरी हर सांस हर वक्त तेरा ही नाम लेती है  कमबक्त सिर्फ तू ही मेरे दिल में रहती है  मेरी तकदीर का आईना  तुझसे ही ऐ मेरे हमसफ़र  रब्ब से है ये गुजारिश मेरी  तुझको लग जाए मेरी उमर  जब तक सांसें चलेंगी  तुझको चाहूंगा यार  मर भी गया तो भी तुझे  करुंगा मैं प्यार  मर भी गया तो भी तुझे  करुंगा मैं प्यार  जब तक सांसें चलेंगी  तुझको चाहूंगा यार  तुझसे लागी है ऐसी लगन  बिरहा में जल रहा है ये मन  मैं अधूरा हूं तेरे बिना  जैसे दिल के बिना धड़कन  जब तक सांसें चलेंगी  तुझको चाहूंगा यार  मर भी गया तो भी तुझे  करुंगा मैं प्यार  Bhakti Bhajan Song Details   Song  :-  Jab Tak Sanse Chalegi Tujhko Chahunga Yaar   Singer:-  sawai bhatt   Lyrics  :-  ऐसे ही सुन्दर भजन आप निचे दी गयी सूचि में देख सखते है गणेश जी के भजन विट्ठलाचे अभंग मराठी राधा कृष्ण के भजन कृष्णाच्या गवळणी मराठी शिव जी के भजन गुरुदेव के भजन माता रानी के भजन दादाजी धुनिवाले के भजन साईं बाबा के भजन देश भक्ति गीत राम जी के भजन फ़िल्मी तर्ज पर भजन हनुमान जी के भजन बधाई गीत आरति संग्रह चालीसा संग्रह

तुम्ही हो माता पिता तुम्ही हो लिरिक्स - Tumhi Ho Mata Pita Tumhi Ho Lyrics

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तुम्ही हो माता पिता तुम्ही हो लिरिक्स तुम्ही हो माता, पिता तुम्ही हो तुम्ही हो बंधू, सखा तुम्ही हो तुम ही हो साथी, तुम ही सहारे कोई ना अपना सिवा तुम्हारे तुम ही हो नईया, तुम ही खिवईया तुम ही हो बंधू, सखा तुम ही हो तुम ही हो माता, पिता तुम्ही हो तुम ही हो बंधू, सखा तुम्ही हो जो खिल सके ना वो फूल हम हैं तुम्हारे चरणों की धूल हम हैं दया की दृष्टि, सदा ही रखना तुम ही हो बंधू, सखा तुम्ही हो तुम्ही हो बंधू, सखा तुम्ही हो तुम्ही हो बंधू, सखा तुम्ही हो Bhakti Bhajan Song Details   Song  :- Tumhi Ho Mata Pita Tumhi Ho   Singer:-  Master Rana   Lyrics  :-  ऐसे ही सुन्दर भजन आप निचे दी गयी सूचि में देख सखते है गणेश जी के भजन विट्ठलाचे अभंग मराठी राधा कृष्ण के भजन कृष्णाच्या गवळणी मराठी शिव जी के भजन गुरुदेव के भजन माता रानी के भजन दादाजी धुनिवाले के भजन साईं बाबा के भजन देश भक्ति गीत राम जी के भजन फ़िल्मी तर्ज पर भजन हनुमान जी के भजन बधाई गीत आरति संग्रह चालीसा संग्रह

एक डाल दो पंछी बैठा कौन गुरु कौन चेला लिरिक्स - Ek Dal Do Panchi Baitha Koun Guru Koun Chela Lyrics

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एक डाल दो पंछी बैठा कौन गुरु कौन चेला लिरिक्स एक डाल दो पंछी बैठा,कौन गुरु कौन चेला, गुरु की करनी गुरु भरेगा, चेला की करनी चेला रे साधुभाई, उड़ जा हंस अकेला | माटी चुन-चुन महल बनाया, लोग कहे घर मेरा, ना घर तेरा,ना घर मेरा, चिड़िया रैन-बसेरा रे साधुभाई, उड़ जा हंस अकेला | कौड़ी कौड़ी माया जोड़ी, जोड़ भरेला थैला, कहत कबीर सुनो भाई साधो, संग चले ना ढेला रे साधुभाई, उड़ जा हंस अकेला | मात कहे ये पुत्र हमारा, बहन कहे ये वीरा, भाई कहे ये भुजा हमारी, नारी कहे नर मेरा रे साधुभाई, उड़ जा हंस अकेला | देह पकड़ के माता रोये, बांह पकड़ के भाई, लपट-झपट के तिरिया रोये, हंस अकेला जाई रे साधुभाई, उड़ जा हंस अकेला | जब तक जीवे,माता रोये, बहन रोये दस मासा, बारह दिन तक तिरिये रोये, फेर करे घर वासा रे साधुभाई, उड़ जा हंस अकेला | चार गज़ी चादर मंगवाई, चढ़ा काठ की घोड़ी, चारों कोने आग लगाई, फूँक दियो जस होरी रे साधुभाई, उड़ जा हंस अकेला | हाड़ जले हो जैसे लाकड़ी, केश जले जस धागा, सोना जैसी काया जल गयी, कोई ना आया पैसा रे साधुभाई, उड़ जा हंस अकेला | घर की तिरिया ढूंढन लागि, ढूंढ

जीते भी लकड़ी मरते भी लकड़ी लिरिक्स - Jite Bhi Lakdi Marte Bhi Lakdi Lyrics

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जीते भी लकड़ी मरते भी लकड़ी लिरिक्स  जीते भी लकड़ी मरते भी लकड़ी,  देख तमाशा लकड़ी का, क्या जीवन क्या मरण कबीरा, खेल रचाया लकड़ी का, जिसमे तेरा जनम हुआ, वो पलंग बना था लकड़ी का, माता तुम्हारी लोरी गाए, वो पलना था लकड़ी का, जीते भी लकड़ी मरते भी लकड़ी, देख तमाशा लकड़ी का, पड़ने चला जब पाठशाला में, लेखन पाठी लकड़ी का, गुरु ने जब जब डर दिखलाया, वो डंडा था लकड़ी का, जीते भी लकड़ी मरते भी लकड़ी, देख तमाशा लकड़ी का, जिसमे तेरा ब्याह रचाया, वो मंडप था लकड़ी का, जिसपे तेरी शैय्या सजाई, वो पलंग था लकड़ी का, जीते भी लकड़ी मरते भी लकड़ी, देख तमाशा लकड़ी का, डोली पालकी और जनाजा, सबकुछ है ये लकड़ी का, जनम-मरण के इस मेले में, है सहारा लकड़ी का, जीते भी लकड़ी मरते भी लकड़ी, देख तमाशा लकड़ी का, उड़ गया पंछी रह गई काया, बिस्तर बिछाया लकड़ी का, एक पलक में ख़ाक बनाया, ढ़ेर था सारा लकड़ी, जीते भी लकड़ी मरते भी लकड़ी, देख तमाशा लकड़ी का, मरते दम तक मिटा नहीं भैया, झगड़ा झगड़ी लकड़ी का, राम नाम की रट लगाओ तो, मिट जाए झगड़ा लकड़ी का, जीते भी लकड़ी मरते भी लकड़ी, द

कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं लिरिक्स - Kabhi Pyase Ko Pani Pilaya Nahi Lyrics

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कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं लिरिक्स कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं बाद अमृत पिलाने से क्या फायदा कभी गिरते हुए को उठाया नहीं बाद आंसू बहाने से क्या फायदा ओ ओ ओ… मैं तो मंदिर गया पूजा आरती की पूजा करते हुए ये ख्याल आ गया मैं तो मंदिर गया पूजा आरती की पूजा करते हुए ये ख्याल आ गया कभी माँ बाप की सेवा की ही नहीं सिर्फ पूजा के करने से क्या फायदा कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं बाद अमृत पिलाने से क्या फायदा।। मैं तो सतसंग गया गुरूवाणी सुनी गुरू वाणी को सुनकर ख्याल आ गया हो हो हो… मैं तो सतसंग गया गुरूवाणी सुनी गुरू वाणी को सुनकर ख्याल आ गया जन्म मानव का लेके दया न करी फिर मानव कहलाने से क्या फायदा कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं बाद अमृत पिलाने से क्या फायदा।। ओ ओ ओ… मैंने दान किया मैंने जपतप किया दान करते हुए ये ख्याल आगया हो मैंने दान किया मैंने जपतप किया दान करते हुए ये ख्याल आगया कभी भूखे को भोजन खिलाया नहीं दान लाखो का करने से क्या फायदा कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं बाद अमृत पिलाने से क्या फायदा।। गंगा नहाने हरिद्वार काशी गया गंगा नहाते ही मन में ख्याल आ गया हो ओ… हो गंगा नहाने हरिद