क्या करती घर में पड़ी पड़ी लिरिक्स - Kya Karti Ghar Me Padi Padi Lyrics
क्या करती घर में पड़ी पड़ी लिरिक्स
क्या करती घर में पड़ी पड़ी
कीर्तन में आजा एक घड़ी ॥
कीर्तन मे कैसे मै आऊं
चाबी के फेर में पड़ी पड़ी
कीर्तन में आजा एक घड़ी
चाबी बहुओं को सौंपे
कीर्तन में आजा एक घड़ी
कीर्तन में आजा एक घड़ी
कीर्तन में कैसे आऊ
मेरी बहुए रूठे घड़ी घड़ी
कीर्तन में आजा एक घड़ी
कीर्तन में कैसे आऊं
पोते के मोह में पड़ी-पड़ी
कीर्तन में आजा एक घड़ी
पोते को पढ़ने भेजो
सतसंग में आजा एक घड़ी ॥
कीर्तन में आजा एक घड़ी
Krishna ji Ke bhakti Bhajan Song Details
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