जिंदगी भर काम करते रह गए भजन लिरिक्स - Jindagi Bhar Kam Karte Rah Gaye Bhajan Lyrics
जिंदगी भर काम करते रह गए भजन लिरिक्स
जिंदगी भर काम करते रह गए,हरि भजन को हम तरसते रह गए ।।
हरि भजन की प्यास तो लगती रही,
हरि भजन की प्यास तो लगती रही,
बिन गुरु के हम अधूरे रह गए।
जिंदगी भर काम करते रह गए।
माया का चक्कर तो यूं ही चला रहा,
माया का चक्कर तो यूं ही चला रहा,
और हम उसमें उलझ कर रह गए।
जिंदगी भर काम करते रह गए।
मन वचन और कर्म से जो कह गए,
मन वचन और कर्म से जो कह गए,
नाम उनके ही जगत में रह गए।
जिंदगी भर काम करते रह गए।
दूसरों का दर्द जिसके दिल में हो,
दूसरों का दर्द जिसके दिल में हो,
दुख किसी का आंसू अपने बह गए।
जिंदगी भर काम करते रह गए।
Bhakti Bhajan Song Details
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