तेरा दर तो हकीकत में दुखियों का सहारा है लिरिक्स - Tera Dar To Hakikat Me Dukhiyo Ka Sahara Hai lyrics
Tera Dar To Hakikat Me Dukhiyo Ka Sahara Hai Lyrics | तेरा दर तो हकीकत में दुखियों का सहारा है हिंदी लिरिक्स | कन्हैया मित्तल New Bhajan
✨ भजन लिरिक्स हिंदी में
तेरा दर तो हकीकत में
दुखियों का सहारा है,
दरबार तेरा बाबा
जन्नत का नजारा है
बिगड़ी हुई तकदीरें
पल भर में बनाते हो ,
अब लाज रखो बाबा
हमें तेरा सहारा है
तेरा दर तो हकीकत में
दुखियों का सहारा है
टूटी हुई कश्ती है
और दूर किनारा है
अब पार करो नैया
भक्तो ने पुकारा है
तेरा दर तो हकीकत में
दुखियों का सहारा है
जिसने भी पुकारा है
दौड़े चले आते हो
तेरे दर के ही टुकडो पर
हम सब का गुजारा है
तेरा दर तो हकीकत में
दुखियों का सहारा है
दौड़े चले आते हैं,
दुःख दर्द के मारे यहाँ,
सुख चैन वही पाते हैं,
जिन पे तेरा इशारा है
तेरा दर तो हकीकत में
दुखियों का सहारा है
🎵 Bhajan Lyrics In Einglish
Tera Dar To Hakikat Me
Dukhiyo Ka Sahara Hai,
Darbar Tera Baba
Jannat Ka Nazara Hai
Bigdi Hui Takdiren
Pal Bhar Me Banate Ho ,
Ab Laaj Rakho Baba
Hamen Tera Sahara Hai
Tera Dar To Hakikat Me
Dukhiyo Ka Sahara Hai
Tuti Hui Kashti Hai
Aur Door Kinara Hai
Ab Paar Karo Naiya
Bhakto Ne Pukara Hai
Tera Dar To Hakikat Me
Dukhiyo Ka Sahara Hai
Jisne Bhi Pukara Hai
Daude Chale Aate Ho
Tere Dar Kae Haee Tukdo Par
Ham Sab Ka Gujara Hai
Tera Dar To Hakikat Me
Dukhiyo Ka Sahara Hai
Daude Chale Aate Hain,
Dukh Dard Kae Maare Yahan,
Sukh Chain Wahi Paate Hain,
Jin Pe Tera Ishara Hai
Tera Dar To Hakikat Me
Dukhiyo Ka Sahara Hai
📺 Bhajan Video
💬 महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर (FAQs)
A1. यह प्रसिद्ध भजन कलयुग के अवतारी और हारों के सहारा श्री खाटू श्याम जी (बाबा श्याम) को समर्पित है।
A2. इस भजन को भजन सम्राट कन्हैया मित्तल जी, संजू शर्मा जी और उमा लहर जी ने अपनी मधुर आवाज में गाया है, जिसके कारण यह भक्तों के बीच बहुत लोकप्रिय है।
A3. भगवान श्री कृष्ण के वरदान के अनुसार, जो भी हारा हुआ या दुखी व्यक्ति सच्चे मन से बाबा श्याम के दरबार में आता है, बाबा उसकी बिगड़ी तकदीर पल भर में बना देते हैं। इसीलिए उन्हें 'हारे का सहारा' कहते हैं।
A4. यह भजन एक बेहद भावपूर्ण और पारंपरिक राजस्थानी/भक्ति धुन पर आधारित है, जिसे कीर्तन और चौकियों में बहुत चाव से गाया जाता है।
A5. बाबा श्याम का स्मरण कभी भी किया जा सकता है, लेकिन एकादशी, द्वादशी या शनिवार और मंगलवार की संध्या को श्याम बाबा की जोत या कीर्तन के समय इसे गाना मानसिक शांति और विशेष फल देने वाला माना जाता है।