तुम सजती रहो हम सजाते रहे लिरिक्स - Tum Sajati Raho Hum Sajate Rahe Lyrics
तुम सजती रहो हम सजाते रहे
माँ सजाने में आनंद आता है
तुम चंदन बनो हम पानी बने
घुल जाने में आनंद आता है
तुम सजती रहो हम सजाते रहे
माँ सजाने में आनंद आता है
तुम दीपक बनो हम बाती बने
लौ लगाने में आनंद आता है
तुम सजती रहो हम सजाते रहे
माँ सजाने में आनंद आता है
तुम सागर बनो हम लहरे बने
डूब जाने में आनद आता है
तुम सजती रहो हम सजाते रहे
माँ सजाने में आनंद आता है
तुम मिश्री बनो हम माखन बने
मिल जाने में आनंद आता है
तुम सजती रहो हम सजाते रहे
माँ सजाने में आनंद आता है
तुम चंदा बनो हम चकोरी बने
दिल लगाने में आनंद आता है
तुम सजती रहो हम सजाते रहे
माँ सजाने में आनंद आता है
तुम सुनती रहो हम सुनाते रहे
मैया गाने में आनंद आता है
तुम सजती रहो हम सजाते रहे
माँ सजाने में आनंद आता है
तुम बनो हम धागा बने
गुथ जाने में आनंद आता है
तुम सजती रहो हम सजाते रहे
माँ सजाने में आनंद आता है
प्रातःकाल की पूजा, संध्या आरती और दैनिक ध्यान साधना की शुरुआत के लिए तुम सजती रहो हम सजाते रहे एक अत्यंत शांत और ऊर्जावान स्तुति है। दुर्गा माता का स्मरण कराते इस दिव्य भजन को खुशी जोशी ने सहज व मनोहारी अंदाज में गाया है, जिसके रचयिता Traditional हैं। नियमित रूप से नवरात्रि स्पेशल, माता की चौकी, रात का जागरण में इसे शामिल करने से दिनभर सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। अपने पूजा कक्ष में पाठ हेतु इसके संपूर्ण शुद्ध बोल (Lyrics) यहाँ उपलब्ध हैं।
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Ha maa raksha karna Sankar dur karo Khushi aajai mata di jai mata di
जवाब देंहटाएंJai mata di 🙏
जवाब देंहटाएंJai mata di. Please do paragraph me makhan-mishri aur moti-dhaga waala edit kar dijiye. 🙏
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