अम्बे तू है जगदम्बे काली आरती लिरिक्स- Ambe Tu Hai Jagdambe Kali Aarti Lyrics
अम्बे तू है जगदम्बे काली आरती लिरिक्स
अम्बे तू है जगदम्बे काली,
जय दुर्गे खप्पर वाली,
तेर ही गुण गायें भारती,
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती
तेरे भक्त जानो पर मैया भीड़ पड़ी है भारी,
दानव दल पर टूट पड़ो माँ कर के सिंह सवारी
सौ सौ सिंघो से है बलशाली,
है दस भुजाओं वाली,
दुखिओं के दुखड़े निवारती ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती
माँ बेटे की है इस जग मेंबड़ा ही निर्मल नाता,
पूत कपूत सुने है पर ना माता सुनी कुमाता
सबपे करुना बरसाने वाली,
अमृत बरसाने वाली,
दुखिओं के दुखड़े निवारती ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती
नहीं मांगते धन और दौलत ना चांदी ना सोना,
हम तो मांगे माँ तेरे मन में एक छोटा सा कोना
सब की बिगड़ी बनाने वाली,
लाज बचाने वाली,
सतिओं के सत को सवारती ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती
🌸 भजन विवरण-(Bhajan Details)
🎵 भजन का नाम -अम्बे तू है जगदम्बे काली आरती
🎤 गायक -ANURADHA PAUDWAL
✍️ लेखक -पारंपरिक
📂 श्रेणी- दुर्गा माता की आरती
जय दुर्गे खप्पर वाली,
तेर ही गुण गायें भारती,
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती
तेरे भक्त जानो पर
दानव दल पर टूट पड़ो माँ
सौ सौ सिंघो से है बलशाली,
है दस भुजाओं वाली,
दुखिओं के दुखड़े निवारती
माँ बेटे की है इस जग में
पूत कपूत सुने है पर ना
सबपे करुना बरसाने वाली,
अमृत बरसाने वाली,
दुखिओं के दुखड़े निवारती
नहीं मांगते धन और दौलत
हम तो मांगे माँ तेरे मन में
सब की बिगड़ी बनाने वाली,
लाज बचाने वाली,
सतिओं के सत को सवारती
Sew jbje
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