रण में गरज रही रे कालका लिरिक्स - Ran Me Garaj Rahi Re Kalka Lyrics
जय काली जय काली जय जय
जय काली जय काली
जय काली जय काली जय जय
जय काली जय काली
रण में गरज रही रे कालका
रण में गरज रही रे
खार खप्पर हाथ धरे माँ
खार खप्पर हाथ धरे माँ
कैसे मचल गयी रे
रण में गरज रही रे कालका
रण में गरज रही रे
गले मुंड की माला डाले
नैना माके लाल लाल
कालो की माँ काल बनी रे
कालो की माँ काल बनी रे
अरे कैसे बिफर गयी रे
रण में गरज रही रे कालका
रण में गरज रही रे
आँखों से चिंगारी छोड़े
भागे असुर दल दौड़े दौड़े
आज बनी विकराल भवानी
आज बनी विकराल भवानी
रण में उतर गयी रे
रण में गरज रही रे कालका
रण में गरज रही रे
शुम्भ निशुम्भ संघारे भवानी
चंड मुंड दये मार भवानी
रक्त बिज और धूम्र विलोचन
रक्त बिज और धूम्र विलोचन
सब चट कर गयी रे
रण में गरज रही रे कालका
रण में गरज रही रे
Bhakti Bhajan Song Details
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