चले बाराती भोलेनाथ की शादी लिरिक्स - Chale Barati Bholenath Ki Shadi Lyrics
चले बाराती भोलेनाथ की शादी लिरिक्स चले बाराती चले बाराती चले बाराती चले बाराती माथे ऊपर तिलक लगा के तन पे भस्म रमा ली भाल चंद्रमा गंग शीश और गल में भुजंग सजा ली भूत प्रेत सब नाचन लगे भांग सभी को पिला दी मार मार के खुशी से ताड़ी आधी दुनिया हिला दी तीन लोक के राजा शिव जी करने चले है शादी चले बाराती चले बाराती भोलेनाथ की शादी मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुडध्वजः। मङ्गलम् पुण्डरीकाक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥ भोलेनाथ ने भस्म उड़ा के भोलेनाथ ने भस्म उड़ा के मस्ती अलग फैला दी संगी ब्रन्गी संग में नंदी नाचे देव फौलादी ऐसी लहर की गली गली में आ गई जैसे आंधी चांद सितारे पर्वत नदिया झूमी हर एक वादी देवाधि महादेव का डमरू थाप से दुनिया हिला दी तीन लोक के राजा शिव जी करने चले है शादी चले बाराती चले बाराती भोलेनाथ की शादी ऐसी रात न फिर से होगी आदि शक्ति की शादी योगीराज शंकर ने अपनी छोड़ दी आज समाधि ग्रहस्त जीवन में जीने जा रहे गौरा संग अनादी बड़ी सरलता से जीवन में प्या...