मईया मेरी विनती कबूल करना अमर हमारा सुहाग रखना लिरिक्स - Maiya Meri Vinati Kabul Karna Amar Hamara Suhag Rakhna Lyrics
मईया मेरी विनती कबूल करना
अमर हमारा सुहाग रखना
मईया के सिर पर मुकुट सजा है
मुकुट सजा है हीरे मोती से जड़ा है
मेरे भी टिके की लाज रखना
अमर हमारा सुहाग रखना
मईया मेरी विनती कबूल करना
अमर हमारा सुहाग रखना
मईया के माथे पे बिंदिया सजी है
बिंदिया सजी है चम चम चमकी है
मेरे सिंदूर की लाज रखना
अमर हमारा सुहाग रखना
मईया मेरी विनती कबूल करना
अमर हमारा सुहाग रखना
मईया के अंग पर चोला सजा है
चोला सजा है गोटे चांदी से जड़ा है
मेरे भी चुन्दडी की लाज रखना
अमर हमारा सुहाग रखना
मईया मेरी विनती कबूल करना
अमर हमारा सुहाग रखना
मईया के हाथो में मेहंदी सजी है
मेहंदी सजी है लाल लाल रची है
मेरी भी चूडियो की लाज रखना
अमर हमारा सुहाग रखना
मईया मेरी विनती कबूल करना
अमर हमारा सुहाग रखना
मईया के पैरो में पायल सजी है
पायल सजी है हीरे मोती से जड़ी है
मेरे भी बिछुओ की लाज रखना
अमर हमारा सुहाग रखना
मईया मेरी विनती कबूल करना
अमर हमारा सुहाग रखना
मईया मेरी विनती कबूल करना अमर हमारा सुहाग रखना भजन लिरिक्स हिंदी में: दुर्गा माता के इस प्रसिद्ध भजन को Rekha Garg ने स्वर दिया है एवं इसके रचयिता Traditional हैं। माता रानी के नए भजन और नवरात्रि स्पेशल माता की भेंटें के रूप में इंटरनेट पर सर्वाधिक सर्च की जाने वाली इस रचना के संपूर्ण बोल, वीडियो एवं भावार्थ यहाँ पढ़ें। नवरात्रि स्पेशल, माता की चौकी, रात का जागरण के लिए अभी सेव व शेयर करें।
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