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शिव तो ठहरे सन्यासी गौरां पछताओगी लिरिक्स - Shiv To Thahare Sanyasi Gaura Pachhataogi Lyrics

शिव तो ठहरे सन्यासी गौरां पछताओगी लिरिक्स

शिव तो ठहरे सन्यासी, 
गौरां पछताओगी
भोला योगी संग कैसे 
अरे जिंदगी बिताओगी 
शिव तो ठहरे सन्यासी,
गौरां पछताओगी

ऊँचे ऊँचे पर्वत पर 
शिव जी का डेरा है 
नंदी कि सवारी गौरा 
कैसे कर पाओगी 
शिव तो ठहरे सन्यासी,
गौरां पछताओगी

आगे ना कोई पीछे 
गौरा तेरे दुल्हे के 
दिलवाला हाल गौरा 
अरे किसको सुनाओगी 
शिव तो ठहरे सन्यासी,
गौरां पछताओगी

महलो में पली गौरा 
राम दुलारी बनकर 
शिव जी को भंग घोटकर 
कैसे पिलाओगी 
शिव तो ठहरे सन्यासी,
गौरां पछताओगी

गौरी बोली सखियों से 
आरी तुम क्या जानो री 
जैसा वर पाया मैंने 
वैसा तुम क्या पाओगी 
शिव तो ठहरे सन्यासी,
गौरां पछताओगी

शिव तो ठहरे सन्यासी, 
गौरां पछताओगी
भोला योगी संग कैसे 
अरे जिंदगी बिताओगी 
शिव तो ठहरे सन्यासी,
गौरां पछताओगी

Bhakti Bhajan Song Details

 Song  :- Shiv To Thahare Sanyasi Gaura Pachhataogi

 Singer:- Mukesh Kumar Meena 

 Lyrics  :-

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