दरबार में बंशी वाले के दुःख दर्द मिटाये जाते है लिरिक्स - Darbar Me Bansi Wale Ke Dukh Dard Mitaye Jate hai Lyrics
दरबार में बंशी वाले के दुःख दर्द मिटाये जाते है लिरिक्स
दरबार में बंशी वाले केदुःख दर्द मिटाये जाते है,
दुनिया ने जिसको ठुकराया
यहाँ गले लगाये जाते है ।
दुनिया में जहर दर्दो गम का
पीना पड़ता मज़बूरी में,
जी भरकर प्याले अमृत के
यहाँ रोज पिलाये जाते है ||1||
किस्मत के मारे कहा रहे
दुनिया छोटी पड़ जाती है,
जो शरण श्याम की आते है
पलकों पे बिठाये जाते है ||2||
बनवारी जो मझधार में है
जिनका ना कोई सहारा है,
दो आंसू गिरा दे चरणों पर
फिर पार लगाये जाते है ||3|
Krishna ji Ke bhakti Bhajan Song Details
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