ऐसी किस्मत जगाओ मेरी भोले लिरिक्स - Aisi Kismat Jagao Meri Bhole Lyrics
ऐसी किस्मत जगाओ मेरी भोले लिरिक्स
ऐसी किस्मत जगाओ मेरी भोलेमैं तो रोज रोज आऊं तेरे द्वारे
ऐसी किस्मत जगाओ मेरी भोले
मैं तो रोज रोज आऊं तेरे द्वारे
मैं तो रोज रोज आऊं तेरे द्वारे
करो मंगल काज भोले मेरे
मैं तो रोज रोज आऊं तेरे द्वारे
ऐसी किस्मत जगाऊं मेरे भोले
मैं तो रोज रोज आऊं तेरे द्वारे
तेरी गणपत पे वारी वारी जाऊं
मैं तो उनको प्रथम मनाऊं
करो कार्य मंगल मेरे भोले
मैं तो रोज रोज आऊं तेरे द्वारे
ऐसी किस्मत जगाऊं मेरे भोले
मैं तो रोज रोज आऊं तेरे द्वारे
तेरी गौरा पे वारी वारी जाऊं
मैं तो उनको रोज मनाऊं
करो अमर सुहाग मेरे भोले
मैं तो रोज रोज आऊं तेरे द्वारे
ऐसी किस्मत जगाऊं मेरे भोले
मैं तो रोज रोज आऊं तेरे द्वारे
तेरी गंगा में वारी वारी जाऊं
मैं तो उसमें डुबकी लगाऊं
काटो लाख चौरासी फेरे
मैं तो रोज रोज आऊ दर तेरे
ऐसी किस्मत जगाऊं मेरे भोले
मैं तो रोज रोज आऊं तेरे द्वारे
तेरे चरणों में वारी वारी जाऊं
मैं तो उनको शीश नवाऊं
कर मन के दूर अंधेरे
मैं तो रोज रोज रोज आर तेरे
ऐसी किस्मत जगाऊं मेरी भोले
मैं तो रोज रोज आऊं तेरे द्वारे
मैं तो रोज रोज आऊं तेरे द्वारे
ऐसी किस्मत जगाऊं मेरे भोले
मैं तो रोज रोज आऊं तेरे द्वारे
तेरी गणपत पे वारी वारी जाऊं
मैं तो उनको प्रथम मनाऊं
करो कार्य मंगल मेरे भोले
मैं तो रोज रोज आऊं तेरे द्वारे
ऐसी किस्मत जगाऊं मेरे भोले
मैं तो रोज रोज आऊं तेरे द्वारे
तेरी गौरा पे वारी वारी जाऊं
मैं तो उनको रोज मनाऊं
करो अमर सुहाग मेरे भोले
मैं तो रोज रोज आऊं तेरे द्वारे
ऐसी किस्मत जगाऊं मेरे भोले
मैं तो रोज रोज आऊं तेरे द्वारे
तेरी गंगा में वारी वारी जाऊं
मैं तो उसमें डुबकी लगाऊं
काटो लाख चौरासी फेरे
मैं तो रोज रोज आऊ दर तेरे
ऐसी किस्मत जगाऊं मेरे भोले
मैं तो रोज रोज आऊं तेरे द्वारे
तेरे चरणों में वारी वारी जाऊं
मैं तो उनको शीश नवाऊं
कर मन के दूर अंधेरे
मैं तो रोज रोज रोज आर तेरे
ऐसी किस्मत जगाऊं मेरी भोले
मैं तो रोज रोज आऊं तेरे द्वारे
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