महाकाल के दरबार में सब लोगों का खाता लिरिक्स - Mahakal Ke Darbar Me Sab Logo Ka Khata Lyrics

महाकाल के दरबार में सब लोगों का खाता लिरिक्स

महाकाल के दरबार में सब लोगों का खाता
उज्जैन के दरबार में सब लोगों का खाता
जिसने जैसा कर्म किया है वह वैसा फल पाता
महाकाल के दरबार में सब लोगों का खाता

क्या साधु क्या संत गृहस्थी क्या राजा क्या रानी
शिव की बही में लिखी हुई है सबकी कर्म कहानी
बड़े-बड़े वह जमा खर्च का सही हिसाब लगता
महाकाल के दरबार में सब लोगों का खाता
मेरे बाबा के दरबार में सब लोगों का खाता

नहीं चले उसके घर रिश्वत नहीं चले चालाकी
शिव की अपनी लेनदेन की रीत बड़ी है बाकी
पुण्य की नैया पार करे वो पाप की नाव डूबाता
महाकाल के दरबार में सब लोगों का खाता

करता वही हिसाब सभी का शिव आसन पर डटके
उनका फैसला कभी ना बदले लाख कोई सर पटके
समझदार तो चुप रहता है मूरखशोर मचाता
महाकाल के दरबार में सब लोगों का खाता



Shiv ji Ke bhakti Bhajan Song Details

 Song  :-  Mahakal Ke Darbar Me Sab Logo Ka Khata

 Singer:- Ankita Dash

 Lyrics  :-Ankita Dash

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