सब झूठे रिश्ते तोड़ के मैं दिल तुझसे लगाने आया हूं लिरिक्स - Sab Jhuthe Rishte Tod Ke Mai Dil Tujhse Lagane Aaya Hu Lyrics
सब झूठे रिश्ते तोड़ के मैं दिल तुझसे लगाने आया हूं लिरिक्स
तेरे इश्क़ में भोले शंकरमैं तो खुद को मिटाने आया हूं।
सब झूठे रिश्ते तोड़ के मैं,
सब झूठे रिश्ते तोड़ के मैं,
दिल तुझसे लगाने आया हूं।
सब झूठे रिश्ते तोड़ के मैं,
सब झूठे रिश्ते तोड़ के मैं,
दिल तुझसे लगाने आया हूं।
ना होश रहा अब दुनिया का,
ना होश रहा अब दुनिया का,
ना फिक्र रही अब तन की।
बस एक लगन है तेरी भोले,
बस एक लगन है तेरी भोले,
और प्यास है तेरे दर्शन की।
मैं राख बदन पे मल के तेरी,
अलख जगाने आया हूं।
सब झूठे रिश्ते तोड़ के मैं,
सब झूठे रिश्ते तोड़ के मैं,
दिल तुझसे लगाने आया हूं।
तू पीर है मेरा ओ भोले,
तू पीर है मेरा ओ भोले,
तू ही मेरा मुर्शिद है।
हर सांस में तेरा सिमरन है,
हर सांस में तेरा सिमरन है,
तू ही मेरा मकसद है।
मैं सारी उम्मीदें जग से,
आज बुझाने आया हूं।
सब झूठे रिश्ते तोड़ के मैं,
सब झूठे रिश्ते तोड़ के मैं,
दिल तुझसे लगाने आया हूं।
प्रदीप की बाह पकड़ ले,
प्रदीप की बाह पकड़ ले,
मुझे भव से पार लगा देना।
मेरी नैया बीच भंवर में,
मेरी नैया बीच भंवर में,
इसे अब किनार लगा देना।
मैं तेरे ही गुण गाने भोले,
महफिल ये सजाने आया हूं।
सब झूठे रिश्ते तोड़ के मैं,
सब झूठे रिश्ते तोड़ के मैं,
दिल तुझसे लगाने आया हूं।
Shiv ji Qawwali , bhakti Bhajan Song Details
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