शंकर जी मैं आपके बेटे का यार हूँ लिरिक्स - Shankar Ji Mai Apke Bete Ka Yaar Hu Lyrics
शंकर जी मैं आपके बेटे का यार हूँ लिरिक्स
तीन आँख है आपकेऔर शीश पे चंदा रहता है
बालों से गंगा निकलती है
मुझे ऐसा गणपती कहता है
कैलाश पे यही देखने
आया इस बार हु
ऊँचे पर्वत पे रहते हैं
शंकर जी मैं आपके
शंकर जी मैं आपके
बेटे का यार हूँ
शंकर जी मैं आपके
बेटे का यार हूँ
ऊँचे पर्वत पे रहते हैं
कैलाश के वासी हैं
नंदी पर बैठ के जाते है
नंदी पर बैठ के जाते है
जब जाते काशी हैं
साँप गले में रहते हैं
साँप गले में रहते हैं
पर उनको डसते नहीं
गन्नू कहता मेरे पप्पा
गन्नू कहता मेरे पप्पा
भूतों से डरते नहीं
गणपति जितना आपसे
गणपति जितना आपसे
मैं भी करता प्यार हूँ...
शंकर जी मैं आपके
बेटे का यार हूँ...
शंकर जी मैं आपके
शंकर जी मैं आपके
बेटे का यार हूँ...
एक हाथ त्रिशूल एक से
एक हाथ त्रिशूल एक से
डमरू बजता है
शीश पे आपके चंदा
शीश पे आपके चंदा
और भी सुंदर लगता है
अरे नीले नीले कंठ आपके
अरे नीले नीले कंठ आपके
सबसे न्यारे हैं
सच्ची में हाय शंकर जी
सच्ची में हाय शंकर जी
आप कितने प्यारे है
दोस्त बनोगे क्या मेरे
मै तो तैयार हु
शंकर जी मैं आपके
बेटे का यार हूँ...
शंकर जी मैं आपके
शंकर जी मैं आपके
बेटे का यार हूँ...
Shiv ji Ke bhakti Bhajan Song Details
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