लाल चुनरी में सजी मेरी मां लिरिक्स - Lal Chunari me Saji Meri Maa Lyrics
लाल चुनरी में सजी मेरी मां लिरिक्स
या देवी सर्वभूतेषु,शक्ति रूपेण संस्थिता,
जय अम्बे, जय अम्बे,
जय जगदम्बे माँ।
जय अम्बे, जय अम्बे,
जय जगदम्बे माँ।
माथे बिंदी लाल सुहानी,
नयनों में ममता प्यारी।
हाथों में चूड़ियाँ खनके माँ की,
भक्तों की रखवाली।
जय अम्बे, जय अम्बे,
जय जगदम्बे माँ।
सिंह सवारी माँ भवानी,
हाथों में त्रिशूल धारी।
दुष्टों का संहार करें माँ,
भक्तों की रखवाली।
जय अम्बे, जय अम्बे,
जय जगदम्बे माँ।
तेरे चरणों में शीश झुकाएँ,
दे दे माँ आशीष।
भक्ति दे दे, शक्ति दे दे,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै,
नमस्तस्यै नमो नमः
लाल चुनरी में सजी मेरी माँ,
दुर्गा मैया आई द्वार
जो भी माँ को सच्चे मन से पुकारे,
भर देती माँ उसकी झोली अपार।
लाल चुनरी में सजी मेरी माँ,
दुर्गा मैया आई द्वार
जो भी माँ को सच्चे मन से पुकारे,
भर देती माँ उसकी झोली अपार।
जय अम्बे, जय अम्बे,
जय जगदम्बे माँ।
जय अम्बे, जय अम्बे,
जय जगदम्बे माँ।
माथे बिंदी लाल सुहानी,
नयनों में ममता प्यारी।
हाथों में चूड़ियाँ खनके माँ की,
भक्तों की रखवाली।
जय अम्बे, जय अम्बे,
जय जगदम्बे माँ।
सिंह सवारी माँ भवानी,
हाथों में त्रिशूल धारी।
दुष्टों का संहार करें माँ,
भक्तों की रखवाली।
जय अम्बे, जय अम्बे,
जय जगदम्बे माँ।
तेरे चरणों में शीश झुकाएँ,
दे दे माँ आशीष।
भक्ति दे दे, शक्ति दे दे,
कर दे जीवन दीप्त
जय अम्बे, जय अम्बे,
जय जगदम्बे माँ।
Lyrics - Parul Gupta
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